ॐ नमः शिवाय
यह हमारी परम्परा है और हमारी पहचान भी कि हम आज भी सदियों से सावन मास में कांवर ले जाने कि परम्परा को आज भी कायम रखे है . शिव के प्रति हमारी असीम भक्ति ही हमें इतनी सबलता देती है कि हम कष्ट सहकर भी जलार्पण को तत्पर रहते है . हे भोले नाथ अपनी कृपा बनाये रखे और नयी पीढ़ी में भी यही जोश भरते रहें , यही हमारी कामना है.
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